बिजली मंत्री ने कहा- आम चुनाव से पहले मोदी सरकार देश के हर घर को बिजली से जोड़ेगी - Badhata Rajasthan - नई सोच नई रफ़्तार

बिजली मंत्री ने कहा- आम चुनाव से पहले मोदी सरकार देश के हर घर को बिजली से जोड़ेगी

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नई दिल्ली। देश के हर गांव को बिजली से जोड़ने के बाद सरकार हर घर को बिजली से जोड़ने की अपनी योजना को लेकर अब सक्रिय है। इस योजना को अगले आम चुनाव से पहले किसी भी सूरत में पूरा करने में जुटे बिजली मंत्री आरके सिंह ने बुधवार को देश के सभी राज्यों के बिजली मंत्रियों की बैठक बुलाई है। वैसे पीएम नरेंद्र मोदी ने बिजली मंत्रालय को इस लक्ष्य के लिए लागू सौभाग्य योजना को अप्रैल, 2019 तक पूरा करने को कहा था कि लेकिन सिंह की योजना है कि इसे दिसंबर, 2018 तक पूरा कर लिया जाए।
बिजली मंत्री आरके सिंह की राज्यों के बिजली मंत्रियों से बुधवार को बैठक
27.5 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप का होगा वितरण
सौभाग्य योजना को तेज करने के साथ ही बिजली मंत्री सिंह अगले महीने सौर ऊर्जा को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा अभियान शुरु करने जा रहे हैं। इसके तहत देश के 27.5 लाख किसानों को सौर उर्जा से चलने वाले पंपों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महा अभियान (कुसुम) लागू किया जाएगा। इस पर कुल 1.4 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सिंह ने बताया कि योजना से देश के किसानों की मदद से तकरीबन 10 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से बनाई जा सकेगी। हर किसान 0.5 से 2 मेगावाट तक बिजली पैदा कर सकेगा। जिन किसानों के सोलर पंप ग्रिड से जुड़े होंगे उनके लिए अतिरिक्त बिजली को बेचने का जरिया भी यह बनेगा। आज अपनी सरकार के चार वर्षो की उपलब्धियों को बताने के लिए आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सिंह ने उक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि देश में पनबिजली परियोजनाओं के लिए नई योजना लाने की भी तैयारी है। इसके जरिए 16 हजार मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजनाओं का संकट दूर किया जाएगा। उक्त दोनों योजनाओं के लिए दो कैबिनेट नोट तैयार है जिसे इस महीने के अंत तक मंजूरी मिल जाने की संभावना है। इसके साथ ही तकरीबन 12 हजार मेगावाट क्षमता की फंसी हुई बिजली परियोजनाओं की समस्याओं को भी जल्द दूर हो जाने के आसार है। ये ताप बिजली परियोजनाएं हैं। इन पर लाखों करोड़ रुपये का एनपीए हो गया है।
अब भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों का एक कंसोर्टियम बनाया गया है जो फंसे कर्जे की समस्या के समाधान की कोशिश कर रही है। सिंह ने कहा कि, बिजली के हर क्षेत्र में राजग सरकार ने पिछले 48 महीनों में जो काम किया है वह पिछले 48 वर्षो में भी नहीं हुआ है।
मसलन, इस सरकार के पूर्व के 48 वर्षो में सालाना 4800 मेगावाट की क्षमता जोड़ी जाती थी लेकिन पिछले चार वर्षो में 24 हजार मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है। ट्रांसमिशन लाइन बिछाने में भी कुछ ऐसा ही प्रदर्शन रहा है।
उन्होंने बताया कि रिनीवल क्षेत्र में सरकार ने पहले वर्ष 2022 तक 1.75 लाख मेगावाट क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा था लेकिन अब इसे बढ़ा कर 2.25 लाख मेगावाट किया गया है। बिजली वितरण कंपनियों की हालात सुधारने के लिए लागू उदय योजना को भी अच्छी सफलता मिल रही है। सिर्फ एक वर्ष में 17 राज्यों की बिजली कंपनियों ने अपने घाटे को कम करने में सफलता पाई है।

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