Thursday, 8 August 2019

कर्नाटक और महाराष्ट्र में बाढ़ से स्थिति गंभीर, दोनों राज्यों में 34 लोगों की मौत

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पश्चिमी महाराष्ट्र में खास तौर पर कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह होने के बाद 1.32 लाख से ज़्यादा लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है. कर्नाटक में बाढ़ में फंसे 43,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

Kolhapur: A view of flooded area due to overflow of Panchganga river during monsoon season, in Kolhapur, Wednesday, Aug 7, 2019. (PTI Photo) (PTI8_7_2019_000215B)

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में पंचगंगा नदी में उफान से शहर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. (फोटो: पीटीआई)

बेंगलुरु/सांगली/नई दिल्ली: देश के अधिकतर हिस्सों में बीते बुधवार को भारी बारिश हुई. कर्नाटक और महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित हिस्सों में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां 2.5 लाख लोगों को अन्य स्थानों पर पहुंचाया गया है.

पिछले सात दिनों में पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 16 लोगों की मौत हुई है. एक अन्य घटना में सांगली में नाव पलटने से नौ लोगों की मौत हो गई. दूसरी ओर कर्नाटक में रविवार से अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है. इस तरह से दोनों राज्यों में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली ज़िलों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है.

भारतीय मौसम विभाग की ओर से कहा गया है कि महाराष्ट्र के कोंकड़ और मध्य महाराष्ट्र में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है और उसके बाद बारिश में कमी आ सकती है.

कर्नाटक के कई हिस्सों में बुधवार को भी भयंकर बाढ़ की स्थिति बनी रही, जिसकी वजह से लगभग 43,000 लोगों को उनके घरों से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में बांधों और कर्नाटक में बैराजों और जलाशयों के जल द्वार खोले जाने से बाढ़ आ गई. राज्य में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सड़क और रेल संपर्क प्रभावित हुआ है.

पश्चिमी महाराष्ट्र में खास तौर पर कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह होने के बाद 1.32 लाख से ज्यादा लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है. यहां लगातार हुई बारिश से यह स्थिति उत्पन्न हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि पिछले सात दिनों में बारिश और बाढ़ से संबंधित विभिन्न घटनाओं में 16 लोगों की मौत हो चुकी है.

पुणे के प्रखंड आयुक्त डॉ. दीपक महाइसेकर ने कहा, ‘पुणे क्षेत्र में (पुणे, सतारा, सोलापुर, सांगली और कोल्हापुर जिलों में) अब तक बाढ़ से 1.32 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

Karad: National Disaster Response Force (NDRF) conducts a rescue operation at a flooded area of Tambve village in Karad, Thursday, Aug 08, 2019. (PTI Photo)(PTI8_8_2019_000064B)

महाराष्ट्र के कराड के बाढ़ग्रस्त ताम्बवे गांव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाती एनडीआरएफ की टीम. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने बताया कि सांगली और कोल्हापुर जिलों में क्रमश: 53,000 और 51,000 लोगों को बाहर निकाला गया है.

महाइसेकर ने कहा, ‘सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) दोनों जिलों में बचाव अभियान चला रहे हैं और बुधवार शाम तक एनडीआरएफ की छह और टीम कोल्हापुर जाएंगी.’

सांगली में बचाव कार्य में जुटी नौका पलटने से नौ की मौत, चार लापता

महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित सांगली जिले में बचाव कार्य में जुटी एक नौका के बृहस्पतिवार को एक जलाशय में पलट जाने से नौ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए.

पुणे मंडलायुक्त दीप म्हाइसेकर ने बताया कि पुणे तहसील के ब्रह्मानल गांव के पास एक निजी नौका बाढ़ पीड़ित करीब 30 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ.

उन्होंने कहा, ‘अभी तक नौ शव बरामद हुए हैं. नौका के पलटने से गिरे करीब 14-15 लोग सुरक्षित बाहर आ गए.’

मंडलायुक्त ने बताया कि पुलिस अधिकारी और आपदा प्रबंधनकर्मी लापता लोगों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

सूत्रों ने बताया कि स्थानीय लोग जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ प्रभावित गांव में फंसे लोगों को बचाने के लिए निजी नौका का प्रयोग कर रहे थे.

ब्रह्मानल गांव कृष्णा नदी के किनारे स्थित है, जहां इलाके में भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देंवेंद्र फड़णवीस ने राज्य के अन्य मंत्रियों के साथ कोल्हापुर, सांगली और सतारा में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, देवेंद्र फड़णवीस ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से बात की. येदियुरप्पा ने कर्नाटक के अलमाटी बांध से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ने पर सहमति जताई है. इससे महाराष्ट्र के सांगली में जलस्तर कम होने में मदद मिलेगी.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बाढ़ से राहत और बचाव के लिए 22 टीमें काम कर रही हैं. कोल्हापुर में एनडीआरएफ की पांच, नौसेना की 14, कोस्ट गार्ड की एक, सेना की एक, एसडीआरएफ की एक टीम बचाव कार्यों में लगी हुई हैं. वहीं सांगली में 11 टीमें बचाव कार्य में लगी हैं. इनमें से आठ टीमें एनडीआरएफ की, कोस्ट गार्ड की दो टीम और सेना की एक टीम शामिल है.

पश्चिम महाराष्ट्र में बाढ़ से हालात बिगड़े, सांगली जिला जेल में घुसा पानी

भारी बारिश और बाढ़ की वजह से पश्चिमी महाराष्ट्र में हालात बिगड़ गए हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सांगली के जिला जेल में भी पानी घुस गया, जिसकी वजह से प्रशासन ने कैदियों को ऊपरी मंजिल पर स्थानांतरित किया है.

पिछले कुछ दिनों से सांगली में हो रही बारिश की वजह से बुधवार को जिला जेल परिसर पानी से घिर गया जहां करीब 370 कैदी हैं.

अतिरिक्त महानिदेशक (कारागार) सुनील रामानंद ने बताया, ‘जेल में भूतल की बैरकों में घुटने भर तक पानी भरा है. हमनें सभी कैदियों को पहली मंजिल पर बनी बैरकों में स्थानांतरित किया है. अभी तक कैदियों को जेल से बाहर स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं पड़ी.’

बाढ़ प्रभावित कर्नाटक में नौ लोगों की मौत, 43 हजार लोगों को बचाया गया

कर्नाटक के बाढ़ और बारिश से प्रभावित इलाकों से अभी तक करीब 43,000 लोगों को बचाया गया है. यहां बारिश के प्रकोप के कारण नौ लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सबसे अधिक प्रभावित बेलगावी जिले से 40,180 लोगों को बचाया गया है. जिले में छह लोगों की मौत हो चुकी है.

Hubballi: A view of a flood-affected area due to overflow of a water channel following heavy monsoon rain, in Hubballi district, Thursday, Aug 8, 2019. (PTI Photo)(PTI8_8_2019_000051B)

कर्नाटक के हुबली जिले में एक बाढ़ प्रभावित इलाका. (फोटो: पीटीआई)

कर्नाटक के स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी है. बारिश से कोडगु, धारवाड़, मंगलुरु, हासन, बेलागवी, मैसूर, करवार और उडुपी ज़िले प्रभावित हैं.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर कन्नड़ जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई. यहां से अभी तक 3,088 लोगों को बाहर निकाला गया है.
करीब 17,000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा बेलगावी में रुके हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने बृहस्पतिवार को बेलगावी के बारिश से प्रभावित शिवाजीनगर और गांधीनगर इलाकों का दौरा किया.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘जलाशयों से पानी छोड़ने की प्रक्रिया अच्छी तरह से समन्वित है और प्रोटोकॉल के अनुसार है ताकि निचले इलाकों को डूबने से बचाया जा सके. बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने से प्रभावित होने वाले गांवों की पहचान कर ली गई और आवश्यक एहतियात बरता जा रहा है.’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दमकल और आपात विभाग, राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और सेना की संयुक्त बचाव टीमों ने उत्तरी, तटीय और मलनाड क्षेत्र में प्रभावित जिलों से अभी तक कुल 43,858 लोगों को बाहर निकाला है.

बयान में कहा गया है कि जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है और जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. इसमें कहा गया है, ‘बाढ़ के हालात नियंत्रण में हैं.’

इस बीच, दक्षिण पश्चिमी रेलवे ने पुणे मंडल पर पचापुर, गोकक और कुछ अन्य स्थानों पर मूसलाधार बारिश के कारण पटरियां जलमग्न होने के कारण बृहस्पतिवार को 18 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की.

उसने बताया कि पटरियों पर जल भराव के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं.

मैसूर में 46 हजार क्यूसेक पानी के साथ काबिनी बांध का जलस्तर बढ़ गया है. बांध से 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. वर्तमान में इस बांध में जलस्तर 2281.5 फीट है और पानी संग्रहण की अधिकतम क्षमता 2284 फीट है.

देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति

वहीं, आंध्र प्रदेश में कई नदियां उफान पर हैं. ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है और दक्षिणी क्षेत्र में कुछ इलाकों में रेल सेवाएं बाधित रहीं. लगातार बारिश की वजह से केरल का इडुक्की जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. केरल में एनडीआरएफ के पांच दल राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं.

केरल के उत्तरी ज़िलों में भी स्थिति गंभीर है. मल्लपुरम जिले के नीलाम्बुर और पेरिनथलमन्ना में बारिश बारिश से बाढ़ जैसी स्थितियां हैं. फायर ब्रिगेड की टीम यहां बचाव कार्यों में लगी हुई है.

इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में दिनभर उमस रही, जहां तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सफदरजंग वेधशाला में 22.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. पालम वेधशाला ने 9.6 मिमी और लोधी रोड वेधशाला में 24.3 मिमी बारिश दर्ज की गई.

उत्तर प्रदेश के हरदोई में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि गोरखपुर में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई. मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुल्ताई में ताप्ती नदी उफान पर है. तीन साल बाद नदी का पानी ताप्ती नदी में प्रवेश कर गया. वहीं मंदसौर के मल्हारगढ़ क्षेत्र में एक बाढ़ग्रस्त पुल से ट्रैक्टर बह गया. ट्रैक्टर के ड्राइवर और एक अन्य सवार को बचा लिया गया.

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में लगातार बारिश से चार लोगों की जान चली गई, जबकि बुलंदशहर और कानपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई.

हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को हल्की बारिश हुई. ऊना में अधिकतम 109 मिलीमीटर बारिश हुई.

छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में पिछले दो दिन से हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है. वहीं, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी है.

पिछले कुछ समय से लगभग सूखे की स्थिति का सामना कर रहे छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गुरुवार सुबह से भारी बारिश हो रही है. वहीं, राज्य के दक्षिण क्षेत्र बस्तर में पिछले दो दिन से भारी बारिश के कारण कुछ गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है.

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर और पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहा. मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश और राजधानी जयपुर सहित 11 जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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