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Friday, 6 September 2019

फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के ख़िलाफ़ केस दर्ज

अजीत जोगी को गुरुवार देर रात सांस लेने में तकलीफ के बाद नई दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अजीत जोगी ख़ुद को कंवर आदिवासी समुदाय का बताते रहे हैं. पिछले महीने उनके इस दावे को एक उच्चस्तरीय समिति ने ख़ारिज कर दिया था.

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी. (फोटो: पीटीआई)

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी. (फोटो: पीटीआई)

बिलासपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है.

इसी बीच 73 वर्षीय अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोप है कि अजीत जोगी ने गलत तरीके से खुद को कंवर आदिवासी समूह से बताया है. उनकी जाति की जांच के लिए बनी ने उच्चस्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति अजीत जोगी के इस दावे को पिछले महीने खारिज कर दिया था.

बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बीते गुरुवार को बिलासपुर में बताया कि जिले के गौरेला थाने में पुलिस ने अजीत जोगी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान मरवाही विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा की शिकायत पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है.

बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है.

अग्रवाल ने बताया कि समीरा पैकरा ने सेवानिवृत्त शासकीय अधिकारी पतरस तिर्की के शपथपत्र को आधार बनाकर पुलिस में शिकायत की थी. जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया. मामले की जांच की जा रही है.

पैकरा ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा है कि पतरस तिर्की वर्ष 1967-68 में बिलासपुर में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे. उन्होंने अपने शपथ पत्र में कहा है कि उन्होंने कभी भी अजीत जोगी को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया था.

पैकरा ने कहा कि शपथ पत्र में यह भी कहा गया है कि जोगी वर्ष 1967-68 के दौरान जारी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करते हैं, वह असत्य है.

उन्होंने कहा कि तिर्की ने शपथ पत्र में कहा है कि यदि मेरे (तिर्की) द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ कोई भी जाति प्रमाण पत्र अजीत जोगी प्रस्तुत करते हैं वह झूठा और असत्य है. इस आधार पर उन्होंने (समीरा पैकरा) जोगी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है.

पूर्व मुख्यमंत्री की जाति की जांच के लिए बनी उच्चस्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने पिछले महीने अजीत जोगी के कंवर आदिवासी होने के प्रमाण पत्र को खारिज कर दिया था. इसके बाद पिछले सप्ताह भी अजीत जोगी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

मालूम हो कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति को लेकर विवाद पिछले लगभग दो दशकों पुराना है. भारतीय जनता पार्टी के नेता संत कुमार नेताम ने 2001 में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग से जोगी की जाति को लेकर शिकायत की थी. नेताम के मुताबिक जोगी ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर स्वयं को आदिवासी बताया है.

वहीं इस मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और वर्तमान में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने न्यायालय में परिवार दायर किया था.

बाद में यह मामला उच्चतम न्यायालय चला गया और वर्ष 2011 में न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जाति की छानबीन के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई जाए और वह अपना फैसला दे.

तब रमन सिंह सरकार ने आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की विशेष सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में जाति प्रमाण पत्र उच्चस्तरीय छानबीन समिति का गठन किया था.

गलत जन्म प्रमाण पत्र देने के आरोप में अमित जोगी जेल में हैं बंद

इतना ही नहीं समीरा पैकरा की शिकायत पर पुलिस ने बीते तीन अगस्त को अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को गिरफ्तार कर लिया था. अमित जोगी अभी जेल में है.

आरोप है कि अमित जोगी ने 2013 विधानसभा चुनाव में अपने जन्म स्थान के बारे में चुनाव आयोग को गलत जानकारी दी थी. पुलिस ने बताया था कि छह महीने की जांच के बाद जोगी को गिरफ़्तार किया गया है.

अमित जोगी के ऊपर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण दस्तावेज से जालसाजी) 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से फर्जीवाड़ा) और 471 (किसी फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को वास्तविक के बतौर पेश करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इस वर्ष फरवरी महीने में समीरा पैकरा ने जिले के गौरेला थाना में अमित जोगी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.

समीरा का आरोप है कि अमित जोगी का जन्म स्थान अमेरिका में है, जबकि उन्होंने वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने शपथपत्र में जन्म स्थान गौरेला क्षेत्र का सारबहरा गांव बताया था, जो कि गलत तरीके से प्राप्त किया गया है.

बहरहाल, छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अजीत जोगी राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बने थे. वर्ष 2000 से वर्ष 2003 तक वे राज्य के मुख्यमंत्री रहे. इस दौरान वे अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित मारवाही विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे. वर्ष 2003 में कांग्रेस जब भाजपा से पराजित हुई तब रमन सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने.

अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को जब कांग्रेस से निष्कासित किया गया था तब जोगी ने नई पार्टी का गठन कर लिया था. अभी वह जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) पार्टी के मुखिया हैं तथा मरवाही विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.

अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के अस्पताल में भर्ती

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक परेश बागबहरा ने शुक्रवार को रायपुर में बताया कि जोगी को गुरुवार देर रात सांस लेने में तकलीफ के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

परेश बागबहरा ने बताया कि जोगी पिछले कुछ दिनों से नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली में हैं. बीती रात लगभग 12 बजे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में उनकी पत्नी कोटा क्षेत्र की विधायक रेणु जोगी मौजूद हैं.

उन्होंने बताया कि अस्पताल ने अभी मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है. इस संबंध में अधिक जानकारी मेडिकल बुलेटिन जारी होने के बाद ही मिल सकेगी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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